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सम्पादकीय

रॉ ने जब भिंडरावाले का हेलीकॉप्टर से अपहरण करने की योजना बनाई: विवेचना

हरचरण सिंह लौंगोवाल और जरनैल सिंह भिंडरावाले स्वर्ण मंदिर से निकलते हुए इमेज स्रोत, SATPAL DANIS जब 1982 ख़त्म होते-होते पंजाब के हालात बेक़ाबू होने लगे तो रॉ के पूर्व प्रमुख रामनाथ काव ने भिंडरावाले को हेलीकॉप्टर ऑपरेशन के ज़रिए पहले चौक मेहता गुरुद्वारे और फिर बाद में स्वर्ण मंदिर से उठवा लेने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था। इस बीच काव ने ब्रिटिश उच्चायोग में काम कर रहे ब्रिटिश ख़ुफ़िया एजेंसी एमआई-6 के दो जासूसों से अकेले में मुलाक़ात की थी. रॉ के पूर्व अतिरिक्त सचिव बी रमण ‘काव ब्वाएज़ ऑफ़ रॉ’ में लिखते हैं, “दिसंबर, 1983

जी हां! अंधेरा कायम है। यूं कहें कि घुप्प अंधेरा है – देवनाथ, प्रधान संपादक अमरभारती समूह

लेख का लिंक: देवनाथ जी की वाल से साभार, मूल पोस्ट देंखें जी हां! अंधेरा कायम है। यूं कहें कि घुप्प अंधेरा है। सुबह के 6: 00 बजे हैं। रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी के घर को मुंबई पुलिस घेर लेती है। ऐसा लगता है कि इस घर के अंदर कोई आतंकी छिपा है जिसे पकडऩे का मौका मुंबई पुलिस हाथ से जाने नहीं देना चाहती। हथियार से लैस मुंबई पुलिस के जवान देश के नामी संपादक के साथ धक्का-मुक्की करते हैं और एक आतंकी जैसा व्यवहार करते हुए पुलिस वैन में ठूंस देते हैं। देश भर में तस्वीरें

महामारी से बाल मजदूरी, बाल तस्करी और गुलामी में होगा इजाफा: नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी ने किया आगाह

आईएएनएस से साभार नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने आगाह किया है कि कोविड-19 महामारी के परिणामस्वरूप दुनियाभर में बाल श्रम, बाल तस्करी और दासता या गुलामी (स्लैवरी) में सबसे निश्चित और पर्याप्त वृद्धि होगी। कैलाश सत्यार्थी ने आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि कुछ राज्यों में भारत के श्रम कानून कमजोर पड़ने से बाल श्रम में इजाफा देखने को मिलेगा। इसके अलावा देश में स्कूलों के लंबे समय तक बंद रहने से कई बच्चों की तस्करी होने का खतरा है। ध्यान रहे कि देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन

बोलने की आजादी पर अंकुश के लिए हो रहा राजद्रोह का उपयोग, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज ने उठाया सवाल

नई दिल्ली- सेवानिवृत्त जस्टिस लोकुर ने कहा कि बोलने की आजादी को कुचलने के लिए राजद्रोह के साथ सरकार लोगों पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप लगाने का हथकंडा भी अपना रही है। कोरोना संकट में वेंटिलेटर की कमी जैसे मुद्दों की रिपोर्टिंग करने वाले कई पत्रकारों पर ऐसे आरोप लगे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लोकुर ने सोमवार को एक वेबिनार में कहा कि देश में सरकार बोलने की आजादी पर अंकुश लगाने के लिए राजद्रोह कानून का उपयोग कर रही है। पूर्व न्यायाधीश लोकुर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब रविवार रात जेएनयू के

तेल का खेल – क्या आप बाजार से तेल नहीं अपने जहर खरीद रहे हैं, सावधान!

सबसे ज्यादा मौतें देने वाला भारत में कोई है तो वह है… #रिफाईनड तेल। रिफाईनड तेल से DNA डैमेज, RNA नष्ट, हार्ट अटैक, हार्ट ब्लॉकेज, ब्रेन डैमेज, लकवा शुगर(डाईबिटीज), bp नपुंसकता #कैंसर हड्डियों का कमजोर हो जाना, जोड़ों में दर्द,कमर दर्द, किडनी डैमेज, लिवर खराब, कोलेस्ट्रोल, आंखों रोशनी कम होना, प्रदर रोग, बांझपन, पाईलस, स्केन त्वचा रोग आदि!. एक हजार रोगों का प्रमुख कारण है। आज से 50 साल पहले तो कोई रिफाइन तेल के बारे में जानता नहीं था, ये पिछले 20 -25 वर्षों से हमारे देश में आया है। कुछ विदेशी कंपनियों और भारतीय कंपनियाँ इस धंधे में